शास्त्र यह प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्मा विष्णु महेश का भी जन्म और मृत्यु होती है अर्थात् यह भी नाशवान है
शास्त्र यह प्रमाणित करते हैं कि ब्रह्मा विष्णु महेश का भी जन्म और मृत्यु होती है अर्थात् यह भी नाशवान है
.... प्रमाण के लिए देखिए श्रीमद् देवी भागवत स्कंद 3, अध्याय 5...... फिर वह अविनाशी परमात्मा कौन है जो न जन्मता है ना मरता है शाश्वत है और वह कहां रहता है कैसा दिखता है कैसे मिलता है... यह सब जानकारी हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं वेद पुराण कुरान बाइबल भगवत गीता गुरु ग्रंथ साहिब सभी सद ग्रंथ यह प्रमाणित करते हैं कि परमेश्वर कबीर है वह साकार है अर्थात दिखाई देता है और नर आकार है और सतलोक में रहता है... तथा तत्वदर्शी संत से नाम उपदेश लेकर सत भक्ति करने से उस मालिक को पाया जा सकता है... श्रीमद्भगवद्गीता में तत्वदर्शी संत की पहचान भी बताई है कि जो संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष को तत्व से जानता है वह तत्वदर्शी संत है जो शास्त्र अनुसार सद्भक्ति करवाता है और स्वयं भी करता है तथा अपने अनुयायियों में कोई भेदभाव नहीं करता जिसकी भक्ति शास्त्रों से मेल खाती है वही तत्वदर्शी संत है और वर्तमान में केवल एक ही तत्वदर्शी संत उपस्थित है संपूर्ण पृथ्वी पर और वह है जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज... इन से जल्द से जल्द नाम उपदेश लेकर अपना कल्याण करवाइए और मोक्ष मार्ग प्राप्त कीजिए... ऐसे तत्वदर्शी संत युगों युगों में एक ही बार आते हैं यह मौका एक बार हाथ से निकल गया तो फिर नहीं मिलेगा... अभी आए हुए हैं तो लोग कदर नहीं कर रहे हैं फिर थोड़े दिनों में चले जाएंगे फिर पछताने के सिवा कुछ नहीं रह जाएगा... अतः समय रहते संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेकर अपना और अपने परिवार का कल्याण करवाइए
www.jagatgururampalji.org
.... प्रमाण के लिए देखिए श्रीमद् देवी भागवत स्कंद 3, अध्याय 5...... फिर वह अविनाशी परमात्मा कौन है जो न जन्मता है ना मरता है शाश्वत है और वह कहां रहता है कैसा दिखता है कैसे मिलता है... यह सब जानकारी हमारे शास्त्र प्रमाणित करते हैं वेद पुराण कुरान बाइबल भगवत गीता गुरु ग्रंथ साहिब सभी सद ग्रंथ यह प्रमाणित करते हैं कि परमेश्वर कबीर है वह साकार है अर्थात दिखाई देता है और नर आकार है और सतलोक में रहता है... तथा तत्वदर्शी संत से नाम उपदेश लेकर सत भक्ति करने से उस मालिक को पाया जा सकता है... श्रीमद्भगवद्गीता में तत्वदर्शी संत की पहचान भी बताई है कि जो संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष को तत्व से जानता है वह तत्वदर्शी संत है जो शास्त्र अनुसार सद्भक्ति करवाता है और स्वयं भी करता है तथा अपने अनुयायियों में कोई भेदभाव नहीं करता जिसकी भक्ति शास्त्रों से मेल खाती है वही तत्वदर्शी संत है और वर्तमान में केवल एक ही तत्वदर्शी संत उपस्थित है संपूर्ण पृथ्वी पर और वह है जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज... इन से जल्द से जल्द नाम उपदेश लेकर अपना कल्याण करवाइए और मोक्ष मार्ग प्राप्त कीजिए... ऐसे तत्वदर्शी संत युगों युगों में एक ही बार आते हैं यह मौका एक बार हाथ से निकल गया तो फिर नहीं मिलेगा... अभी आए हुए हैं तो लोग कदर नहीं कर रहे हैं फिर थोड़े दिनों में चले जाएंगे फिर पछताने के सिवा कुछ नहीं रह जाएगा... अतः समय रहते संत रामपाल जी महाराज जी से नाम उपदेश लेकर अपना और अपने परिवार का कल्याण करवाइए
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सत साहेब

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