मानव का उत्थान

वर्तमान समय में मानव सभ्यता का लगभग पतन हो चुका है भाई भाई को देखकर राजी नहीं है भाई बहन को देखकर राजी नहीं है और प्रत्येक व्यक्ति यह सोचता है कि मैं सामने वाले को जितना लूट सकता हूं लूट लो... झूठ का बोलबाला है... पाखंड पूजा चरम पर है... भक्ति मार्ग को झूठे गुरुओं ने पैसे कमाने का तरीका बना लिया है... ऐसे में आखिर मानव सभ्यता का उत्थान हो तो कैसे हो... एक बात तो साफ है जब तक लोग परमात्मा से डरने वाले नहीं होंगे तब तक मानव सभ्यता का  उत्थान संभव नहीं है.. पर आखिरकार परमात्मा से लोग डरेंगे कब जब वह परमात्मा को पहचानेंगे कि परमात्मा आखिर है कौन और परमात्मा का संविधान क्या है.... परमात्मा के संविधान में बीड़ी शराब मांस तंबाकू मदिरा हुक्का और दहेज प्रथा और झूठा दिखावा करने में फिजूल खर्च करना, मृत्यु भोज, शास्त्र विरुद्ध साधना करना अर्थात मनमाने ढंग से जोकि शास्त्रों में वर्णित है ही नहीं वह भक्ति करना, भूत पूजा करना, देवी देवताओं की पूजा करना आदि आदि सब कुछ वर्जित है अर्थात परमात्मा इसे सिरे से नकारते हैं... परमात्मा तो कोई और है भगवत गीता में जिसे उत्तम पुरुष कहां है वेद जिसकी महिमा  कबीर देव नाम से गाते हैं जो दुख हर्ता सुख कर्ता है वेद जिसके बारे में कहते हैं कि वह परमात्मा पाप कर्म दंड को भी काट सकता है और अपने साधक कि अगर मृत्यु भी हो जाए तो उसे पुनर्जीवित करके उसकी आयु सत्य भक्ति करने के लिए 100 वर्ष तक बढ़ा सकता है वह है परमात्मा तो... भगवत गीता में तीनों गुणों अर्थात सद्गुण विष्णु रजगुण ब्रह्मा और तमोगुण शिवजी की आराधना को भी मना किया है इसे शास्त्र विरुद्ध साधना बताया है क्योंकि श्रीमद् देवी भागवत में ब्रह्मा विष्णु महेश का भी आविर्भाव यानी जन्म और तिरोभाव यानी मृत्यु होना बताया  है... इस प्रकार उस शाश्वत परमात्मा कबीर देव के बारे में जब तक नहीं जानेंगे उनके संविधान के बारे में जब तक नहीं जानेंगे तब तक यह मानव उस परमात्मा से डरेगा ही नहीं... और जब तक यह मानव परमात्मा से डरेगा नहीं तब तक यह अपने काले कारनामे नहीं छोड़ने वाला क्योंकि इसे किसी का भय ही नहीं है.. पर परमात्मा के संविधान का उल्लंघन करने वाले पर तो कहर टूटता ही है आज नहीं तो कल देर सवेर उसे उसके कर्मों का फल मिलना ही मिलना है... यह मनुष्य पाप कर्मों के दबाव के कारण परमात्मा के संविधान का उल्लंघन करता है और दूसरों को भी दुखी करता है और देर सवेर उसे भी उसके कर्मों का  दंड मिलना ही है.... पर अब परमात्मा का निर्धारित समय आ चुका है जिसके लिए परमात्मा ने और विभिन्न भविष्य वक्ताओं ने भविष्यवाणियां की थी की परमात्मा स्वयं आएंगे अपना संविधान लोगों को बताने और हजारों वर्षों तक भक्ति युग चलेगा... और सभी लोग परमात्मा से डरने वाले होंगे... लोगों को ना चाहते हुए भी परमात्मा के संविधान को मानना पड़ेगा.. आप देख सकते हैं कोरोना के कहर के कारण लोगों को विवाह भी बिना फिजूलखर्ची के करने पड़ रहे हैं और बीड़ी शराब मांस तंबाखू सिगरेट हुक्का इन सब पर ना चाहते हुए भी लोगों को रोक लगानी पड़ रही है इसके अलावा समाज को बिगाड़ने वाली फिल्में बनना ही बंद हो गई है और अगर बन भी जाए तो उन्हें थिएटर में जाकर देखेगा कौन सबको अपनी जान प्यारी है... अपने अनुसंधानों का दम भरने वाली विज्ञान आज खामोश बैठी है और सभी वैज्ञानिक मौन है किसी के पास कोई मार्ग नहीं बचा.. ऐसे में सभी लोग ना चाहते हुए भी उस परमात्मा को याद कर रहे हैं कि कोई तो आकर हमें बचाए... पर जो परमात्मा हमें बचा सकता है  उस शाश्वत परमेश्वर के परम संत को जिसने परमात्मा के संविधान को लोगों को समझाया लोगों को सद्भक्ति बताई लोगों को यह बताया कि परमात्मा के संविधान में क्या वर्जित है और क्या करना चाहिए और परमात्मा कौन है इससे अवगत कराया सद्भक्ति क्या होती है परमात्मा को कैसे पाया जाता है और समाज में चल रही विभिन्न बुराइयों जैसे दहेज प्रथा मृत्यु भोज रिश्वतखोरी इन सबको बंद करवाया परम संत पूर्ण संत को तो इस नालायक सरकार ने जेल में बंद कर रखा है... लो देख लो पूर्ण संत जगतगुरु तत्वदर्शी संत रामपाल जी महाराज को जेल में डालने की सजा.. आज संपूर्ण विश्व को ना चाहते हुए भी जेल में बंद होना पड़ रहा है अपने-अपने घरों में बंद होना पड़ रहा है... पर अभी भी लोग पता नहीं किस घमंड में जी रहे हैं... कोई बात नहीं है जब कोई भी मार्ग नहीं बचेगा जब पानी सर से ऊपर चला जाएगा तब तो आना ही पड़ेगा संत रामपाल जी महाराज की शरण में... क्योंकि परमात्मा की तो यह भविष्यवाणी है ही... कि "जब आवेगा बीसवे बीसा तब ना रहेगा ईसा, ना रहेगा मूसा ,और राज करेगा जगदीशा"। और अब मानव का उत्थान तो होकर ही रहेगा क्योंकि संत रामपाल जी महाराज के सानिध्य में सभी लोग बुराइयों को त्याग कर परमात्मा के संविधान को मानेंगे और सद्भक्ति करेंगे... अधिक जानकारी के लिए संत रामपाल जी महाराज जी द्वारा लिखित पुस्तकें जीने की राह और ज्ञान गंगा पढ़िए और सुनिए संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग साधना चैनल पर  प्रतिदिन भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे और ईश्वर टीवी पर रात 8:30 बजे और श्रद्धा चैनल पर दोपहर 2:00 बजे प्रतिदिन... और आप संत रामपाल जी महाराज जी के सत्संग और उनके द्वारा लिखित पुस्तकें उनकी वेबसाइट से डाउनलोड करके भी देख सकते हैं संत रामपाल जी महाराज जी की ऑफिशल वेबसाइट  के लिए नीचे दिए गए लिंक पर क्लिक करें👇👇👇
www.jagatgururampalji.org

Comments

  1. मानव का उत्थान सिर्फ सतभक्ति से संभव है।☺️

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    1. बिल्कुल सही कहा आपने.. मानव का उत्थान केवल सद्भक्ति से ही संभव है... और वह सद्भक्ति आज संपूर्ण विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज के पास ही है और किसी के पास नहीं

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  2. Replies
    1. मानव का उत्थान केवल सद्भक्ति से ही संभव है... और वह सद्भक्ति आज संपूर्ण विश्व में केवल संत रामपाल जी महाराज के पास ही है और किसी के पास नहीं

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